गार्डनगिरी: बेकार पड़ी प्लास्टिक बोतल में लगाएं टमाटर का उल्टा पौधा!बड़े शहरों में अपार्टमेंट्स में रहने वाले लोगों को अंकित ‘वर्टीकल गार्डनिंग’ करना सिखा रहे हैं, जिससे उन्हें ताजा सब्ज़ियाँ भी मिले और घर में पड़ी बेकार प्लास्टिक की बोतलों का उचित उपयोग भी हो।उत्तर-प्रदेश के लखनऊ में रहने वाले अंकित बाजपेई को बचपन से ही पेड़-पौधों से लगाव रहा। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने मुंबई में नौकरी भी की लेकिन बागवानी के प्रति उनका प्रेम बिल्कुल कम नहीं हुआ। साल 2017 में वह अपने शहर लखनऊ लौट आए। उन्होंने कॉर्पोरेट लाइफ छोड़कर प्रकृति से जुड़ने की ठानी और टेरेस गार्डनिंग शुरूआत की। उन्होंने धीरे-धीरे अपनी 390 स्क्वायर फीट की छत को पेड़-पौधों से भर दिया।उनके टेरेस गार्डन में गुलाब, गेंदे आदि फूलों के साथ-साथ बैंगन, शिमला मिर्च, धनिया, पालक, ब्रोकली, आलू, मूली, टमाटर, हरी मिर्च, गोभी, नींबू जैसी सब्ज़ियां और फल भी आपको मिल जाएंगे। अंकित ने न सिर्फ बागवानी शुरू की बल्कि उन्होंने अपने गार्डनिंग यूट्यूब चैनल भी शुरू किए। उनके यूट्यूब चैनल पर लगभग साढ़े 4 लाख सब्सक्राइबर हैं, जिनके लिए वह समय-समय पर गार्डनिंग से संबंधित उपयोगी वीडियो डालते रहते हैं।द बेटर इंडिया ने अंकित बाजपेई से गार्डनिंग पर खास बातचीत की, जिसके कुछ अंश आप यहां पढ़ सकते हैं।Learn Vertical GardeningShareAnkit Bajpai1. अगर कोई अपना गार्डन/बगीचा लगाना चाहता है तो उसे सबसे पहले क्या करना चाहिए?अंकित: सबसे पहले आपको ऐसी जगह का चुनाव करना चाहिए जहां थोड़ी खुली जगह हो और अच्छी धूप आती हो। वैसे तो आजकल आप दीवार पर, बालकनी में भी वर्टिकल गार्डनिंग कर सकते हैं, लेकिन धूप बहुत ज़रूरी है। फिर ऐसी कोई जगह चुनें जो आपके घर के पास हो और जहां पर पानी की सुविधा हो।2. अगर कोई पहली बार गार्डनिंग कर रहा है तो उन्हें किस तरह के पेड़-पौधे लगाने चाहिए?अंकित: शुरूआत में आपको ऐसे पेड़-पौधे बोने चाहिए जिन्हें बहुत ज्यादा देखभाल की ज़रूरत न हो। फिर धीरे-धीरे जब आपकी पेड़-पौधों से अच्छी दोस्ती होने लगे तो आप दूसरे पेड़ लगाएं। शुरूआत के लिए, गेंदा, तुलसी, पुदीना, एलोवेरा, मनी प्लांट, आलू, पालक, चांदनी, डबल आदि।Learn Vertical GardeningShare3. गार्डनिंग के लिए मिट्टी कैसे तैयार करें?अंकित: यह सबसे ज्यादा ज़रूरी स्टेप है और हमें पूरा ध्यान रखना चाहिये कि हमारी मिट्टी एकदम पोषण से भरपूर हो ताकि पेड़-पौधे अच्छे से पनपें। आप मिट्टी में रेत और गोबर की खाद या फिर वर्मी कंपोस्ट मिलाएं। याद रहे कि इसमें मिट्टी 30%, रेत 30% और कंपोस्ट 40% होना चाहिये और आपका पॉटिंग मिक्स तैयार है।4. अगर हम छत पर पेड़-पौधे लगा रहे हैं तो क्या इससे हमारी छत में लीकेज हो सकता है या फिर किसी भी तरह से यह खराब हो सकती है?अंकित: अगर आप पौधों के लिए गमले, ग्रो बैग या फिर प्लांटर्स इस्तेमाल कर रहे हैं तो आपको चिंता करने की ज़रूरत नहीं है। आपकी छत खराब नहीं होगी।5. गार्डनिंग करने के कुछ क्रियात्मक और रचनात्मक तरीके बताएं?ShareVertical Gardeningअंकित: अपार्टमेंट्स में रहने वाले लोगों को लगता है कि छोटी जगह में कैसे गार्डनिंग होगी और वह भी सब्ज़ियां उगाना? पर मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि आप आसानी से अपनी छोटी सी बालकनी या छत पर गार्डनिंग कर सकते हैं, बस आपको थोड़ा कलात्मक होना होगा।Shareआप बालकनी की दीवार पर वर्टीकल गार्डनिंग कर सकते हैं। प्लास्टिक की पुरानी-बेकार बोतलों को दीवारों पर लटकाकर उनमें पेड़-पौधे लगा सकते हैं। बहुत से लोग आजकल ऐसा कर रहे हैं। इन पौधों को बस थोड़ा-सा वक़्त चाहिए और थोड़ी सी मेहनत।आप इस वीडियो में देख सकते हैं कि कैसे आप प्लास्टिक की बोतल में उल्टा टमाटर का पेड़ लगा सकते हैं:6. पौधों को पानी देने के कुछ ऐसे तरीके, जिससे कि पानी बर्बाद न हो?अंकित: मुझे लगता है कि पानी देने का कोई सही या गलत तरीका नहीं होता है। आपको बस यह ध्यान में रखना है कि आपके गमलों में मिट्टी सूखी तो नहीं है। आपको मिट्टी को महसूस करना आना चाहिए ताकि जब भी आपको लगे कि मिट्टी में नमी नहीं है आप तुरंत पानी दें। इस बात का नियमित तौर पर ध्यान रखें कि मिट्टी में नमी बनी रहे। यह पेड़-पौधों के लिए काफी ज़रूरी है।7. गार्डनिंग शुरू करने का सबसे बेहतर समय कौन-सा है?अंकित: गार्डनिंग शुरू करने के लिए सबसे अच्छा मौसम मेरे हिसाब से सर्दियां और बसंत ऋतु है।8. कोई घरेलू नुस्खा बताइए जिससे पेड़-पौधों को पोषण दिया जा सकता है?अंकित: आप घर के गीले कचरे और केले के छिलकों से घर पर ही ‘लिक्विड फ़र्टिलाइज़र’ बना सकते हैं।सब्ज़ियों के छिलके हर रोज़ आपकी किचन से निकलते ही हैं, आप इन्हें इकट्ठा कर लें और याद रखें कि आप इनमें एक गाँठ अदरक की भी डालें। अदरक एंटी-फंगल और एंटी-ऑक्सीडेंट की तरह काम करता है। यह पेड़ों में फंफूद या फिर कोई अन्य बीमारी नहीं लगने देता। अब इसे मिक्सी में डालकर पीस लें।ShareVegetable Peelsपीसने के बाद आप इस पेस्ट को 12 से 14 घंटे के लिए पानी में छोड़ दें और इस पानी को पौधों में डालें। यह पेड़-पौधों के लिए काफी पोषक है और साथ ही, उन्हें बिमारियों से बचाएगा।केले के छिलकों को आप दो तरह से इस्तेमाल कर सकते है। एक तो उन्हें पूरी तरह सुखाकर और फिर उन्हें मिक्सर में डालकर उनका पाउडर बना लें। पाउडर बनने के बाद, आप इस पाउडर को 12 इंच के गमले में 10 ग्राम डाल सकते हैं। इसमें कैल्सियम और मिनरल्स की मात्रा काफी अधिक होती है।Learn Vertical GardeningBanana Peelsइसके अलावा, आप केले के छिलकों का लिक्विड फ़र्टिलाइज़र भी बना सकते हैं। खाने के बाद जो छिलके बचते हैं उन्हें आप एक डिब्बे में डालें। 10 लीटर पानी में 12 केले के छिलके डालकर डिब्बे का मुंह अच्छे से बंद कर दें।इस डिब्बे को आप ऐसी जगह रखें जहाँ छांव हो और थोड़ी-बहुत धूप भी आती हो। एक हफ्ते रखने के बाद, आपका लिक्विड फ़र्टिलाइज़र तैयार हो जाएगा।अधिक जानकारी के लिए आप यह वीडियो देख सकते हैं:9. पेड़-पौधों की देखभाल के कुछ टिप्स?अंकित: * ध्यान रखें कि सभी गमलों में नीचे ड्रेनेज के लिए छेद हो।* पीले और सूखे पत्तों को पेड़ से हटा दें।* पौधों को दूसरे गमले में लगाते समय कभी भी उन्हें खींच कर बाहर न निकालें।* बार-बार हल्का पानी देने से बेहतर है कि आप पौधों को गहराई तक पानी दें ताकि मिट्टी में नमी बनी रहे।* पौधों को कब-कितना पानी देना है इसके लिए मिट्टी पर ध्यान दें।* हर 20 से 30 दिन में खाद डालें।